Monday, December 19, 2011

वो चार दिन का प्यार

वो चार दिन का प्यार....
छत पर जाना,धूप का बहाना
गलियों से उसके आना जाना
यारो से नाम बदल के अपने ज़ज़्बातों को बतलाना
वो चार दिन का प्यार....

घड़ी की सुइयो का थक जाना
करवटों मैं रात बिताना
सिलवटों मैं उलझ जाना
वो चार दिन का प्यार....

मन का बुना ताना-बाना
अहसास वो बड़ा ही अनजाना
एक नाम बराबर दोहराना
वो चार दिन का प्यार....